October 5, 2022

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कोलेस्ट्रॉल क्या है, प्रकार, कोलेस्ट्रॉल से होने वाली बीमारियाँ एवं संतुलन के लिए कुछ उपाय | What is cholesterol, types, the role of cholesterol, diseases caused by their excess, and some remedies for balance

What is cholesterol

कोलेस्ट्रॉल क्या है, प्रकार, कोलेस्ट्रॉल की भूमिका, उनकी अधिकता से से होने वाली बीमारियाँ एवं संतुलन के लिए कुछ उपाय | cholesterol kya hai

दोस्तों कोलेस्ट्रॉल मनुष्य एवं पशुओं दोनों में पाया जाता है। ये हमारे लिए जितना लाभदायक होता है , उतना ही कई बार यह हमारे लिए घातक हो सकता है । कोलेस्ट्रॉल की अधिकता हमारा मोटापा बढ़ाने के साथ-साथ कई बार हमारे लिए कई बीमारियों का जरिया भी बन जाती है। यह हमारे द्वारा खाये जाने वाले भोजन से तो हमें प्राप्त होता ही है, साथ ही हमारा यकृत (Liver) भी सभी आवश्यक कोलेस्ट्रॉल का निर्माण करता है।

कोलेस्ट्रॉल क्या है

यह एक वसा (Fat) या मोम (Wax) के समान पदार्थ है जो हमारे यकृत (Liver) से स्त्रावित होता है। यह हमारी कोशिका झिल्ली (Cell Membrane) के साथ-साथ लगभग सभी कोशिकाओं में पाया जाता है। यह पीले रंग का होता है और हमारी कोशिका झिल्ली (Cell Membrane) का एक महत्वपूर्ण पदार्थ है जो हमारे शरीर में कई होर्मोन और विटामिन D के निर्माण के साथ हमारे शरीर में तरलता (Liquidity) और पारगम्यता (Permeability) बनाए रखता है, जो की हमारी अन्य शारीरिक क्रियाओं के लिए भी आवश्यक है।

कोलेस्ट्रॉल के प्रकार:-

कोलेस्ट्रॉल मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं:-

1.एलडीएल (LDL-Low density lipoprotein) – इसे हम LDL या “Bad Cholesterol” के नाम से भी जानते हैं। हमारे खून (Blood) में इस कोलेस्ट्रॉल की अधिकता हमारे लिए बहुत हानिकारक होती है, इसकी मात्रा अधिक होने पर ये हमारी धमनियों (Arteries) के आसपास जमने लगता है और पट्टिका (Plaque – Fat, Calcium, Cholesterol) का निर्माण करने लगता है, और धमनियों के सतह क्षेत्रफल (Surface area) को कम कर देता है। उदाहरण के तौर पर अगर हम एक पानी वाले पाइप की बात करें, अगर उस पाइप में अंदर की ओर काई (Moss or algae) जमने लगे या किसी प्रकार की गंदगी जमने लगे तो क्या होता, पाइप संकीर्ण (Narrow)हो जाता है और पहले की अपेक्षा में पानी का बहाव कम हो जाता है ,और पाइप पर दबाव (Pressure) बढ़ जाता है, ठीक ऐसा ही हमारी धमनियों (Arteries)में पट्टिका (Plaque)के जमने की वजह से होता है, हमारी धमनियाँ (Arteries) भी संकीर्ण (Narrow) होने लगती हैं, और यह हमारे खून (Blood) का प्रवाह (Flow) धमनियों (Arteries)में बहुत कम या सीमित कर देता है , जिसकी वजह से धमनियों (Arteries)में दबाव (Pressure)बढ़ने लगता है और रक्त का थक्का (Blood Clot) बनने लगता है, और इसके चलते ये हमारी जान को जोखिम में भी डाल सकता है।

2.एचडीएल (High density lipoprotein) – इसे हम HDL या “Good Cholesterol” के नाम से जानते हैं, क्योंकि यह हमारे शरीर में रक्त (Blood) में उपस्थित कोलेस्ट्रॉल के कई अन्य हानिकारक रूपों को बाहर करने में सहायक होता है। हमारे शरीर में HDL की मात्रा जितनी अधिक होगी उतना यह हमारे लिए लाभदायक है, लेकिन कई शोधों से यह पता चला है कई लोगों में इसकी भी अधिकता हानिकारक साबित हो सकता है।

शरीर में अधिकता किसी भी चीज की हानिकारक हो सकती है जैसे की अगर हम प्रोटीन की मात्रा अधिक लेते हैं मतलब की जितना हमारे शरीर को आवश्यक होता है, उससे ज्यादा तो हम गुर्दे (Kidney) की बीमारी से भी ग्रसित हो सकते हैं, इसलिए शरीर में किसी भी चीज की अधिकता ना हों इस प्रकार का खान-पान रखें।

कोलेस्ट्रॉल की हमारे शरीर में भूमिका:-

कोलेस्ट्रॉल की भूमिका हमारे शरीर मे बहुत महत्वपूर्ण होती है, यह हमारे शरीर में सेक्स होर्मोन (Sex hormone)-टेस्टोस्टेरोन, प्रोजेस्ट्रोन, और एस्ट्रोजेन बनाने के लिए उपयोग मे लाया जाता है। यकृत (Liver) द्वारा पित्त (Bile)का निर्माण करने के लिए भी कोलेस्ट्रॉल का उपयोग किया जाता है, जो एक तरल (Liquid) पदार्थ है और वसा (Fat) के प्रसंस्करण (Processing) और पाचन (Digestion) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके साथ ही यह हमारे शरीर में कोशिका भित्ति (cell wall) के निर्माण के लिए भी आवश्यक होता है।

कोलेस्ट्रॉल की अधिकता से होने वाली बीमारियाँ:-

कोलेस्ट्रॉल की हमारे शरीर में अधिकता होने से हमें बहुत सी ऐसी बीमारियों का खतरा होता है, जो हमारी जिंदगी के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं।

1.उच्च रक्तचाप (High Blood pressure) – जैसा की हमने देखा एलडीएल (LDL-Low density lipoprotein) की वजह से हमारी धमनियों में पट्टिका (Plaque) का जमाव होने लगता है, और हमारी धमनियाँ (Arteries) संकीर्ण (Narrow) होने लगती हैं, जिसकी वजह से रक्त के प्रवाह को नियमित रखने के लिए धमनियों में दबाव (Pressure) पड़ने लगता है, और उसकी वजह से ही उच्च रक्तचाप (High Blood pressure) की बीमारी होती है, और ये बीमारी अपने साथ दिल (Heart)की कई और बीमारियों को जन्म देता है जो हमारे लिए काफी घातक सिद्ध हो सकती हैं।

2.स्ट्रोक (Stoke) – हमारी धमनियों में पट्टिका (Plaque) जो की Fat, Cholesterol और Calcium से मिलके बना होता है, हमारी धमनियों को संकीर्ण कर देता है और इस स्थिति को हम एथेरोस्क्लेरोसिस (Atherosclerosis) के नाम से जानते हैं, और इसकी वजह से हमारे शरीर के साथ-साथ हमारे मस्तिष्क (Brain) में भी रक्त का प्रवाह अवरुद्ध होने लगता है,और पूरी तरह रुक जाने पर Brain Stroke हो सकता है।

3.कोरोनरी हृदय रोग (Coronary heart disease) – हमारे शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बहुत अधिक हो जाने पर यह हमारी धमनियों में जमने लगता है, और फिर plaque बनाने लगता है,जिससे एथेरोस्क्लेरोसिस (Atherosclerosis) हो जाता है और हमारी धमनियाँ संकुचित होने के साथ- साथ सख्त होने लगती हैं, जिसकी वजह से हमारे हृदय की मांसपेशियों में भी रक्त प्रवाह में अवरोध उत्पन्न होने लगता है और रक्त का प्रवाह धीमा होने लगता है, जिसकी वजह से एंजाइना पेक्टोरिस (Angina Pectoris- सीने में दर्द ) या फिर रक्त वाहिकाओं (Blood vessels) की पूरी तरह अवरुद्ध हो जाने से दिल का दौरा (Heart attack) हो सकता है।

4.मधुमेह (Diabetes) – अगर कोई व्यक्ति मधुमेह की बीमारी से पीड़ित है तो उसमें LDL- Low density lipoprotein की अधिकता हो सकती है, और ये कोलेस्ट्रॉल कण के रूप में उपस्थित होते हैं और धमनियों से चिपक कर बड़ी आसानी से इन्हे नुकसान पहुँचाते हैं। मधुमेह हमारे शरीर एचडीएल (High density lipoprotein) और एलडीएल (LDL-Low density lipoprotein)के बीच संतुलन को बिगड़ देता है, चीनी लेपित ( Sugar coated ) LDL रक्तप्रवाह में अधिक समय तक रहता है, और plaque बनाने में सहायता करता है।

5.परिधीय संवहिनी रोग (Peripheral vascular disease) – कोलेस्ट्रॉल की अधिकता शरीर के परिधीय संवहिनी रोग से भी संबन्धित है। इस रोग में धमनियों की दीवारों में वसा (Fat) जमने लगता है, जिसकी वजह से शरीर में रक्त परिसंचरण (Blood circulation) प्रभावित होने लगता है। यह हृदय और मस्तिष्क के बाहर की रक्त वाहिकाओं (Blood vessels) के रोगों को दर्शाता है। यह रोग मुख्यतः पैरों तक जाने वाली धमनियों में होता है।

कोलेस्ट्रॉल की अधिकता के कारण:-

1.असंतुलित आहार(unbalanced diet) – अगर आप अपने आहार में प्रोटीन, विटामिन और रेशेयुक्त भोजन को छोड़, fast-food, junk-food और ज्यादा तेल वाली चीजें खाते हैं, तो ये आपके शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को बढ़ा सकता है।

2.धूम्रपान ( Smoking) – धूम्रपान करने वाली चीजों में कुछ ऐसे रसायन पाये जाते हैं जो HDL या “Good Cholesterol” की मात्रा को हमारे शरीर में घटा देते हैं। जिसकी वजह से LDL या “Bad Cholesterol” की मात्रा हमारे शरीर में बढ़ने लगती है।

3.मधुमेह या रक्तचाप (Diabetes or Blood pressure) – अगर कोई व्यक्ति मधुमेह या रक्तचाप से ग्रसित से तो भी शरीर में LDL या “Bad Cholesterol” की मात्रा बढ़ जाती है।

4.हाइपरकोलेस्ट्रॉलएमिया (Hypercholesterolemia ) – हाइपरकोलेस्ट्रॉलएमिया हाइपरलिपिडेमिया (Hyperlipidemia-लिपिड या वसा की अधिकता) का ही एक रूप है। यह समान्यतः पारिवारिक रोग है, जिसमें खान-पान संतुलित होने के बाद भी उच्च कोलेस्ट्रॉल (High Cholesterol) की समस्या हो जाती है, और ये प्रायः कम उम्र के युवाओं में दिल से जुड़ी बीमारियों की वजह बनता है।

High Cholesterol

उच्च कोलेस्ट्रॉल( High Cholesterol)के संतुलन के कुछ उपाय:-

1.स्वस्थ आहार (Healthy diet) – संतृप्त वसा (Saturated Fat) जो की रेड मीट और फुल फैट डेयरी प्रोडक्टस में पाया जाता है, जो की हमारे Total Cholesterol level को बढ़ा देता है इसलिए खाने में Saturated fat को लेना कम कर दें, जितने भी फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ हैं उनका सेवन करें। ऐसी चीजों का सेवन करें जो ओमेगा-3 Fatty एसिड से से भरपूर हो, ये LDL के level को कम नहीं करते लेकिन हमारे दिल को स्वस्थ रखने का काम करते हैं। ज्यादा से ज्यादा मात्रा में घुलनशील (Soluble) फाइबर का सेवन करें, ये हमारी रक्तवाहिकाओं ( Blood stream ) में Cholesterol के अवशोषण (Absorption)को कम करता हैं। ऐसे आहार का सेवन करें जिनमें प्रोटीन की अधिकता हो। जुंकफूड, Fast-food और किसी भी प्रकार के Processed food का सेवन ना के बराबर करें, प्रोटीन की सही मात्रा हमारे शरीर में Total Cholesterol और LDL की मात्रा को कम करते हैं। हरी साग-सब्जियों का सेवन करें।  पानी का ज्यादा से ज्यादा सेवन करें। खाने में ज्यादा से ज्यादा पपीते का सेवन करें, इसमें एंटिआक्सिडेंटस (Antioxidants), विटामिन C भरपूर मात्रा में होता है यह हमारे कोलेस्ट्रॉल (cholesterol) को कम करने का काम करता है। इसके अलावा ऐसे फलों का सेवन करें जिनमें प्रचुर मात्रा में एंटिआक्सिडेंटस (Antioxidants) मौजूद हों।

2.नियमित व्यायाम (Regular exercise ) – स्वस्थ रहने के लिए नियमित रूप से शारीरिक कार्य के साथ ही व्यायाम या योगा करना बहुत जरूरी है, ये हमें बहुत सी बीमारियों से दूर रखता है। exercise करने से उच्च कोलेस्ट्रॉल (High Cholesterol) की समस्या भी दूर होती है साथ ही ये हमारे शरीर में HDL या  “Good Cholesterol”  को बढ़ाने का काम भी करता है। ये आवश्यक नहीं है, की High Cholesterol की समस्या सिर्फ मोटे लोगों को होती है ये किसी को भी हो सकती है और जरूरी नहीं के इसके चलते हर व्यक्ति मोटा हो जाए, पर हाँ जिन लोगों को ऐसी समस्या है उन्हें स्वस्थ आहार के साथ नियमित रूप से कम से कम 30 मिनट योगा या व्यायाम करना चाहिए और साथ ही सुबह या शाम (अपनी सुविधानुसार) मॉर्निंग वॉक पर भी जाना चाहिए ताकि उनका वजन नियंत्रित हो सके। खाने में शुद्ध देसी गाय के घी का भी सेवन कर सकते हैं, यह आपके शरीर में High Cholesterol की मात्रा को कम करता है।

3. धूम्रपान (Smoking) – धूम्रपान को बंद कर दें, क्योंकि ये आपके LDL या bad Cholesterol को बढ़ाने का काम करता है, इसलिए अगर आप किसी भी प्रकार का धूम्रपान (सिगरेट, तंबाखू, अल्कोहल) करते हैं, तो उसे छोड़ दें, ताकि आपके HDL या good Cholesterol की मात्रा शरीर में बढ़े।

4.मोटापा (Obesity) – अगर आप का वजन जरूरत से ज्यादा है तो इसे कम करें, क्योंकि यह भी शरीर में Cholesterol की मात्रा को बढ़ा सकता है। ज्यादा मात्रा में packed food, chocolates, cake या ज्यादा मीठा खाना बंद करें और एक सही diet लें।

किसी भी बीमारी से लड़ने की लिए हमें अपने शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune system) को मजबूत रखना चाहिए, एक अनुशासित, संयमित और नियमित दिनचर्या का पालन करना चाहिए और खान-पान ऐसा होना चाहिए जिससे की हर एक पोषक तत्व हमारे शरीर को मिल सके और हम बीमारियों से बच सकें।

दोस्तों अगर आप किसी विषय (topic) पर Post चाहते हैं, तो मुझे जरूर बताएं ताकि मैं उस topic की अच्छी जानकारियाँ आप तक पहुंचा पाऊँ।

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