October 5, 2022

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रक्तचाप क्या है, इसके कारण, लक्षण और रक्तचाप में खाना कैसा हो | Blood Pressure kya hai

Blood Pressure kya hai

ब्लड प्रेशर क्या है? (what is blood pressure ?)

रक्तचाप क्या है, इसके कारण, लक्षण और रक्तचाप में खाना कैसा हो | What is blood pressure, its causes, symptoms, and how to eat in blood pressure

आज के समय में हम कई ऐसी बीमारियों से जूझ रहें हैं, जो ना केवल हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, अपितु कई बार हमारे लिए प्राणघातक भी बन जाती हैं। हम कई बार एक ही बीमारी से जूझ रहे होते हैं, लेकिन केवल एक बीमारी के चलते कई बार हम और भी समस्याओं या बीमारियों से ग्रसित हो जाते हैं। आज हम ऐसी ही एक बीमारी के बारे में चर्चा करने वाले हैं, जो हमें एक साथ कई बीमारी का शिकार बना देती है, और उसे हम रक्तचाप (Blood Pressure) के नाम से जानते हैं। आज के समय में रक्तचाप आम बीमारी हो चुकी है और इसकी वजह से बहुत सी दिल की बीमारियाँ भी हो सकती हैं जो कई बार काफी घातक सिद्ध होती हैं हमारे लिए।

रक्तचाप (Blood pressure) –

हमारा दिल हमारे शरीर के चारों तरफ रक्त पहुँचाने का कार्य करता है, और इसके लिए हमारा दिल एक बल (Force) का प्रयोग करता है, और इसी बल के मापन (Measurement) को हम रक्तचाप ( Blood Pressure) के नाम से जानते हैं। एक स्वस्थ व्यक्ति का रक्तचाप 120/80 mmHg होना चाहिए जो की रक्तचाप (B.P.)का एक आदर्श माप माना गया है, लेकिन अभी के समय में हम 130/90 को सामान्य मान सकते हैं, आज के जमाने में जो लाइफ स्टाइल हम जी रहे उस हिसाब से यह सामान्य माना गया है। लेकिन ये माप Pre-hypertension के स्तर को दर्शाता है ,मतलब उच्च रक्तचाप की पहली वाली स्थिति। रक्तचाप हमारे दिल द्वारा हमारे अंगों को स्पंदित (Pump)किए जाने वाले रक्त की मात्रा और धमनियों में रक्त प्रवाह के प्रतिरोध दोनों की मात्रा से निर्धारित होता है। हमारी धमनियाँ जितनी ज्यादा संकीर्ण ( Narrow) होंगी, दिल भी नियमित प्रवाह के लिए उतने ही बल का प्रयोग करेगा है, और हमारा रक्तचाप भी उसी के हिसाब से ही होगा।

धमनियाँ संकीर्ण होने का मुख्य कारण एथेरोस्क्लेरोसिस (Atherosclerosis) हो सकता है, जिसकी वजह से धमनियाँ संकीर्ण हो जाती हैं, और रक्त प्रवाह में अवरोध उत्पन्न होने लगता है, और उसकी वजह से ही रक्तचाप बढ़ जाता है।

High blood Pressure

रक्तचाप को हम दो प्रकार से से समझ सकते हैं –

1.उच्च रक्तचाप (High blood Pressure) – जब हमारा रक्तचाप 140/90 mmHg से ज्यादा होता है तब हम इसे उच्च रक्तचाप (High blood Pressure) कहते हैं। अब इसमे 140 को हम सीसटोलिक दबाव (Systolic Pressure) के कहते हैं, और 90 को हम डाइस्टोलिक दबाव (Diastolic pressure) के नाम से जानते हैं। mmHg में mm का मतलब मिलीमीटर और Hg मरक्युरि (Mercury) को दर्शाता है, यह रक्तचाप की इकाई (Unit) है। उच्च रक्तचाप (High blood Pressure) को हम हाइपरटेंशन (Hypertension) के नाम से भी जानते हैं।
हाइपर का मतलब होता है किसी चीज का बढ़ जाना या अधिक हो जाना। रक्तचाप को रक्तदाबमापी ( स्फिग्मोमैनोमीटर Sphygmomanometer) मशीन से नापा जाता है, जिसमें थर्मामीटर की ही तरह मरक्युरि भरा होता है, जो रक्तचाप का दबाव दर्शाता है, लेकिन आज कल डिजिटल B.P. उपकरण (Instrument)भी बाजार में आ गये हैं,इससे भी रक्तचाप मापा जा सकता है। जिनमें मरक्युरि नहीं होता और यह सेल से चलते हैं। इसे आप घर पर भी खरीद कर रख सकते हैं।

जब हमारा दिल धड़कता (Heart Beats) है तो यह सीसटोलिक दबाव (Systolic Pressure),हमारी धमनियों में दबाव का माप होता है, और जब हमारा दिल धडकनों (Heart Beats) के बीच आराम करता है, इस दवाब के मापन को हम डाइस्टोलिक दबाव (Diastolic pressure) कहते हैं।

2.निम्न रक्तचाप (Low blood Pressure) – जब हमारा रक्तचाप 90/60 mmHg होता है तब हम इसे निम्न रक्तचाप (Low blood Pressure) कहते हैं। इसे हम हाइपोटेंशन (Hypotension) के नाम से भी जानते हैं। हाइपो का मतलब होता है, किसी चीज का कम होना।

उच्च रक्तचाप के कारण (Causes of High Blood pressure )  –

1.एथेरोस्क्लेरोसिस (Atherosclerosis)
2.धूम्रपान
3.शारीरिक गतिविधियों की (Physical activity) कमी
4.तनाव, चिंता
5.एल्कोहौल का ज्यादा सेवन करना।
6. खाने में नमक का अत्यधिक सेवन करना।
7.आनुवांशिकी
8.उच्चरक्तचाप का पारिवारिक इतिहास (Family history)
9.दीर्घकालिक वृक्क रोग ( Chronic Kidney diseaes)
10.अधिवृक्क और थायराइड विकार ( Adrenal and thyroid diseaes)
11. वृद्धावस्था
12.नींद अश्वसन (Sleep apnoea)सांस का नींद में बार-बार रुकना और फिर आना)

उच्च रक्तचाप की समस्या कई बार अत्यधिक चिंता, तनाव से भी हो जाती है,यह ही नहीं बल्कि कई और बीमारियाँ भी तनाव की वजह से होती है, इसीलिए तनाव मुक्त रहें।

2.निम्न रक्तचाप के कारण (Causes of Low Blood Pressure ) –

1.निर्जलीकरण (Dehydration)
2.रक्त की कमी
3.किसी प्रकार की गंभीर चोट
4.अत्यधिक रक्तस्त्राव शरीर में रक्त की मात्रा को कम कर देता है जिससे रक्तचाप(Blood pressure) काफी कम हो जाता है
5.हॉर्मोनल समस्या
6.गर्भावस्था
7.अनियमित रूप से दिल की धड़कन
8.लिवर की बीमारी
9.ताप-आघात(Heatstroke)
10.रक्तवाहिकाओं (Blood vessels)का फैलाव
11.आनुवांशिकी

Blood Pressure

लक्षण (Symptoms of Blood Pressure) –

1.उच्च रक्तचाप (High blood Pressure) – कई बार उच्च रक्तचाप से ग्रसित अधिकांश लोगों में किसी भी प्रकार लक्षण नहीं दिखते , लेकिन हैं कुछ ऐसे लक्षण हैं जो हमें सचेत जरूर करते हैं, की अब हमें अपने शरीर पर ध्यान देने की जरूरत है, जैसे सांस लेने मे तकलीफ, नाक से खून आना, थोड़ी दूर चलने में ही सांस का फूलना, चक्कर महसूस होना, सीने में दर्द, दिल का अचानक कभी तेज धड़कना कभी धीरे, सिरदर्द, हमेशा थकान महसूस करना , किसी चीज को लेकर असमंजस (Confuse) में रहना। लेकिन यह सारे लक्षण इतने विशिष्ट नहीं होते और आम तौर पर तब तक दिखाई नहीं देते जब तक रक्तचाप उच्च या गंभीर अवस्था में न पहुँच जाए। और इसीलिए यह कई बार हमारे लिए प्राणघातक (Leathal) हो जाता है।

2.निम्न रक्तचाप (Low blood Pressure) – चक्कर आना या हल्कापन महसूस करना, जी मिचलाना (Nausea),असामान्य प्यास, एकाग्रता का अभाव, धुंधली दृष्टि (Blurred vision), त्वचा का ठंडा होना, पीलापन एवं चिपचिपा होना ।

खाना कैसा हो

हमारे स्वस्थ रहने में सबसे बड़ा योगदान हमारे खानपान का ही होता है, अगर हम हमेशा स्वस्थ रहना चाहते हैं तो संतुलित एवं सही आहार लेते हैं और अगर हम अस्वस्थ हैं, या किसी बीमारी से भी ग्रसित हैं तब भी हम खानपान पर ही ध्यान देते हैं, इसलिए हमारा खानपान हमें स्वस्थ रखने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देता है। इसलिए चाहे हम किसी बीमारी से ग्रसित हों या ना हों खानपान हमेशा उचित एवं संतुलित ही होना चाहिए, ताकि हम किसी भी प्रकार की बीमारी से बच सकें और अगर हम ग्रसित होते भी हैं तो उस बीमारी से लड़ने की क्षमता हमारे शरीर में बनी रहे।

1.उच्च रक्तचाप (High blood Pressure) में खानपान कैसा हों –

1. खान-पान एवं अन्य चीजें-
उच्च रक्तचाप से जूझ रहे व्यक्ति को अपने भोजन में फैट (Fat) वाली चीजें नहीं लेनी चाहिए, किसी भी प्रकार के Fastfood, Processed food, Packed food, मैदे से बनी हुई चीजें, केक या किसी भी प्रकार की मीठी चीजें जो प्रसंस्कृत शक्कर (Proceesd sugar) से बनाई गयी हों , इन सबको अपने खानपान से दूर रखें, क्योंकि यह सारी चीजें आपके शरीर में फैट(Fat)की मात्रा बढ़ा सकती हैं, साथ ही आपके कोलेस्ट्रॉल (cholestrol) की मात्रा को भी बढ़ा देती है, जिससे आपको एथेरोस्क्लेरोसिस (Atherosclerosis)हों सकता है, और इसकी वजह से यह धमनियों में पट्टिका (Plaque) का निर्माण करने लगेगा जिससे रक्त के प्रवाह में अवरोध उत्पन्न होगा और धमनियों में दबाव बढ़ने लगेगा जो उच्च रक्तचाप के लिए जिम्मेदार होता है। इसलिए जितना हों सके आप अपने खाने में हरी पत्तियों वाली साग, सब्जी, फल को शामिल करें। ज्यादा से ज्यादा पपीते का सेवन करें, इसमें एंटिआक्सिडेंटस (Antioxidants), विटामिन C भरपूर मात्रा में होता है साथ ही ये हमारे कोलेस्ट्रॉल (cholestrol) को कम करने का काम करता है और अगर आपके शरीर में cholestrol की मात्रा सही से तो आप Blood pressure से भी बचेंगे, साथ ही अमरूद, मौसम्बी, संतरा, नींबू का भी सेवन करें यह आपके लिए काफी फायदेरमंद होगा। खाने में ऐसे फल और सब्जी खाएं जिनमें अच्छी मात्रा में एंटिआक्सिडेंटस (Antioxidants) हों। जितना ज्यादा से ज्यादा पानी सेवन कर सकते हैं कीजिये। खाने में नमक की मात्रा कम कर दें, light salt का उपयोग करें। ज्यादा तेल, डालडा से बनी चीजों का सेवन ना करें।

उच्च रक्तचाप (High blood Pressure) और उच्च कोलेस्ट्रॉल( High Cholesterol) दोनों एक दूसरे से संबन्धित हैं, इसलिए कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को संतुलित रखें, यह आपके High Blood Pressure को भी संतुलित रखेगा।

खानपान के साथ ही अपनी दिनचर्या का भी ध्यान रखें, मतलब सही समय पर खाना खाना, खाली पेट न रहना, समय से सोना और जागना। इन सब के साथ ही शारीरिक गतिविधियाँ बहूत ही आवश्यक है, सुबह नित्यक्रिया के बाद मॉर्निंग वॉक पर जाएँ (कम से कम 3.00 किलोमीटर पैदल चलें) । पैदल चलना हमारी सेहत के साथ-साथ हमारे दिल के लिए भी अच्छा होता है साथ ही यह हमारे कोलेस्ट्रॉल(Cholesterol)की मात्रा को भी नियंत्रित रखता है।
इसके अलावा व्यायाम, योगा और साथ ही मैडीटेशन (Meditation) करें, इससे आप तनाव और चिंता से मुक्त रहेंगे , जिससे आपका Blood pressure भी कंट्रोल में रहेगा। कई बार अत्यधिक चिंता और तनाव हमारे उच्च रक्तचाप के लिए जिम्मेदार होता है, तो तनाव से मुक्त रहिए।

अगर आप धूम्रपान करते हैं तो इसे बंद कर दीजिये, एक बार में तो संभव नहीं है पर आप इसे धीरे-धीरे छोड़ना चाहते हैं यह सोच अपनी नियमित दिनचर्या में सम्मिलित करेंगे तो ये संभव हों जाएगा, क्योंकि धूम्रपान करने से शरीर में Bad cholesterol(LDL) की मात्रा बढ़ जाती है, और यह Good cholesterol (HDL) की मात्रा को कम कर देता, और यही एथेरोस्क्लेरोसिस (Atherosclerosis) का कारण बन जाता है, इसकी वजह से हम उच्च रक्तचाप के शिकार हों जाते हैं।

अगर आप का वजन जरूरत से ज्यादा है , या आपका मोटापे से ग्रसित हैं तो वजन कम करिए, क्योंकि यह आपके शरीर में फैट की मात्रा को बढ़ा देता है, और उससे उच्च कोलेस्ट्रॉल( High Cholesterol)की समस्या होती है, जो B.P. की बीमारी का कारण बनता है।

2.निम्न रक्तचाप (Low blood Pressure) – Low blood pressure में आपको नमकीन चीजें खानी हैं। नमक की मात्रा कम नहीं करनी होती हैं। इसमें भी आहार संतुलित , विटामिन और प्रोटीन से भरपूर होना चाहिए। पानी का सेवन भी ज्यादा से ज्यादा करिए। अगर Blood pressure low है तो कॉफी (कैफीन) पीयें। शारीरिक गतिविधियाँ जैसे योगा, व्यायाम करना चाहिए । ऐसी चीजें आहार में शामिल करनी चाहिए जिसमें विटामिन B12 और फॉलिक एसिड अधिकता हो जैसे अंडे, फिश ।

FAQ

Q 1.90/60 blood pressure किस रेंज में आता है?

Ans – यह मापन निम्न रक्तचाप (Low blood Pressure)को दर्शाता है।

Q 2. क्या Blood pressure के मरीज जिमीकंद (ओल)की सब्जी खा सकते हैं ?

Ans – हाँ बिलकुल खा सकते हैं, यह शरीर मेंउच्च कोलेस्ट्रॉल( High Cholesterol)की मात्रा को भी संतुलित करता है, जिन्हें किसी प्रकार का चर्म रोग हो वो इसका सेवन न करें। इसका उपयोग दक्षिणी भारत में अस्थमा, ट्यूमर के उपचार में भी किया जाता है। यह कब्ज में भी फायदेमंद है।

Q 3. मैं रक्तचाप (Blood pressure) की दवाई ले रहा क्या मुझे फिर भी खाने में नमक कम लेना चाहिए?

Ans – हाँ, नमक की मात्रा कम होनी चाहिए अगर आप दवाई ले रहें हैं तो भी, क्योंकि अगर आप एक ओरअपने High blood Pressure को कम करने के लिए दवाई खा रहे और दूसरी ओर इसे नमक की ज्यादा मात्रा लेकर बढ़ा रहे, तो ऐसे में B.P.को संतुलित करना मुश्किल होगा।

Q 4. क्या एक बार ही रक्तचाप के मापन को सही मान लेना चाहिए?

Ans – नहीं कभी भी कम से कम 3 से 4 बार मापन लेना चाहिए, क्योंकि इसके ही सहसंबंधन (correlate) से रक्तचाप के सही स्तर का पता लगाया जा सकता है।

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