October 5, 2022

Hindibiz

हिन्दी में जानकारी

विटामिन क्या है, इसके प्रकार और इनकी कमी से होने वाले खतरे और बीमारियाँ | What is vitamin, its types and the dangers and diseases caused by their deficiency in Hindi

What is vitamin, its types and the dangers and diseases caused by their deficiency in hindi
Contents hide
3 विटामिन्स के प्रकार (Types of vitamins) –

विटामिन क्या है, इसके प्रकार और इनकी कमी से होने वाले खतरे और बीमारियाँ (What is vitamin, its types and the dangers and diseases caused by their deficiency in Hindi)

शास्त्रों के अनुसार माना गया है की हमारा शरीर पाँच तत्वों से मिलकर बना है , जिसे हम पंचमहाभूत (Panchamahabhutas)भी कहते हैं। इनके संतुलन से हम हमेशा स्वस्थ्य रहते हैं, वैसे ही अगर आयुर्वेद को माने तो इसके अनुसार वात्त, पित्त और कफ का संतुलन हमारे लिए बहुत आवश्यक है , क्योंकि इसमें से अगर किसी भी तत्व की मात्रा कम हो जाए या बढ़ जाए तो हम किसी रोग के शिकार हो सकते हैं, इसलिए इनका संतुलित मात्रा में होना अतिआवश्यक है, इसी प्रकार शरीर को संतुलित रखने में होने वाली क्रियाओं में , शरीर को ऊर्जा प्रदान करने में , हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाए रखने में और शरीर को सुचारु रूप से चलाने में विटामिन्स (Vitamins) का बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान होता, साथ ही यह हमारे शरीर में पाये जाने वाले ऐसे तत्व हैं, जिसकी कमी से सामान्य मनुष्य रोगी
बन जाता है, विटामिन की कमी से कई रोग होते हैं।

विटामिन क्या है (What is vitamin) –

विटामिन्स हमारे शरीर में सूक्ष्म मात्रा (Micronutrients) पाये जाने वाले पोषकऔर्गेनीक तत्व (Organic compounds)हैं, जो हमारे शरीर में उपापचय (Metabolism)और कोशिकाओं (Cells) की सामान्य गतिविधियों (normal activities) को संतुलित रखने के लिए आवश्यक हैं। वैसे तो यह कई बार हमारे लिए उतने महत्वपूर्ण नहीं होते क्योंकि हम इनका उपयोग सूक्ष्म मात्रा में करते हैं लेकिन कई बार इनकी कमी से गंभीर रोग भी हो सकते हैं। कई विटामिन्स हमारे शरीर में बनते हैं लेकिन कुछ विटामिन्स हमें बाहरी स्तोत्र से लेना पड़ता है।

विटामिन्स के प्रकार (Types of vitamins) –

हमारे शरीर में 13 प्रकार के आवश्यक विटामिन्स पाये जाते हैं जिन्हें दो प्रकार से वर्गीकृत किया जा सकता है –

1.जल में घुलनशील विटामिन्स (Water soluble vitamins) – जल में घुलने वाले विटामिन्स हैं –

1.विटामिन सी (Vitamin C) –

इसे एस्कोर्बिक एसिड (Ascorbic acid) के नाम से भी जाना जाता है। यह जल में घुलनशील होता है। विटामिन सी (Vitamin C) हमारे शरीर के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है । यह हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाता है, कोशिकाओं के पुनर्निर्माण (Reconstruction of cells)बहुत ही महत्वपूर्ण है। इसके अलावा यह एक एंटिऑक्सीडेंट भी है जो हमारे शरीर में फ्री रेडिकल्स (Free radicals) को बनने से रोकता है और इन्हे शरीर से बाहर करता है। फ्री रेडिकल्स हमारी कोशिकाओं को नुकसान पहुँचाते हैं और इन्हें क्षतिग्रस्त (Damage) करती हैं जिससे विटामिन सी हमारा बचाव करता है। यह हमारी त्वचा को जवान बनाए रखता है और बालों को भी मजबूत बनाता है , साथ ही रूसी (Dandruff) से भी हमें छुटकारा दिलाता है। यह हमारी रक्त लसिकाओं (Blood vessels), हड्डियों और उपास्थि (Bones and cartilage) को भी मजबूत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

2.विटामिन बी (विटामिन B)- यह विटामिन भी जल में घुलनशील होते हैं , इन्हें विटामिन बी 1, बी 2, बी 3, बी 4, बी 5, बी 6, बी 7, बी 9 और बी 12 में वर्गीकृत किया गया है।

विटामिन बी 1 (Vitamin B 1) –

विटामिन बी 1 को थायमीन (Thiamine) के नाम से भी जाना जाता है, यह हमारे शरीर में खाये गए खाने (कार्बोहाइड्रेट) को ऊर्जा (सूक्रोज ) में परिवर्तित करके हमें ऊर्जा का स्तोत्र प्रदान करता है। यह विटामिन तंत्रिका कोशिकाओं (nervous cells) और हृदय को स्वस्थ रखता है साथ ही इनके कार्यों को भी संतुलित बनाए रखता है। यह प्रोटिन्स और फैट (Proteins and fat)के उपापचय (Metabolism) में भी सहयाक है। यह भूख को सही रखने और मांसपेशियों की गतिविधियों को भी सामान्य बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

विटामिन बी 2 (Vitamin B 2)-

इस विटामिन को राईबोफ्लेविन (Riboflavin)के नाम से भी जाना जाता है। यह शरीर की वृद्धि (Growth) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह हमारे पाचन तंत्र (Digestive tract) ,रक्त लसिकाओं (Blood vessels) और त्वचा के विकास (Development) और सामान्य कार्य में बहुत ही अहम है। यह कार्बोहाइड्रेट , प्रोटीन और फैट को उपापचय द्वारा तोड़कर (Metabolism) ऊर्जा प्रदान करता है। यह हमारी आँखों और कानों के कार्यों को सामान्य बनाए रखने के लिए उपयोगी है।

विटामिन बी 3 (Vitamin B 3)-

यह हमारे शरीर में पाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण विटामिन है जिसे हम नियासीन (niacin) के नाम से भी जानते हैं। यह विटामिन हमारे शरीर में तंत्रिका तंत्र की कोशिकाओं को मजबूत और सामान्य बनाए रखने में सहायक है और हमारे शरीर में बैड कॉलेस्ट्रोल (Bad cholesterol) को मात्रा को संतुलित रखने के लिए बहुत ही आवश्यक है। यह हमारी त्वचा और बालों को भी अच्छा रखता है। यह मस्तिष्क की कार्यशैली (Function) को मजबूती प्रदान करता है और आर्थराइटिस (Arthritis) जैसी बीमारी से दूर रखता है।

विटामिन बी 4 (Vitamin B 4)-

इसे एडेनिन (Adenine) के नाम से भी जाना जाता है। यह हमारे शरीर में पाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण विटामिन है जो हमारे शरीर में होने वाली रासयानिक क्रियाओं (Chemical reactions) और प्रोटीन संश्लेषण (Protein synthesis) अहम भूमिका (key role) निभाता है। यह हमारे जींस (Genes) में पाये जाने वाले जेनेटिक तत्व (Genetic material) जैसे डीएनए (DNA) और आरएनए (RNA) के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह मस्तिष्क कोशिकाओं और रक्त कोशिकाओं को मजबूत बनाता है, नयी रक्त कोशिकाओं के निर्माण और त्वचा को स्वस्थ रखने में सहायक है।

विटामिन बी 5 (Vitamin B 5)-

इस विटामिन को पैंटोंथेनीक एसिड (Pantothenic acid) के नाम से भी जानते हैं। यह कार्बोहाईड्रेट , फैट और प्रोटीन को तोड़कर ऊर्जा प्रदान करता है, लिवर और तंत्रिका प्रणाली (Liver and nervous system) की कार्यविधि को सही रखता है । यह पाचन तंत्र , त्वचा, बालों को स्वस्थ्य रखता है। नई रक्त कोशिकाओं (New blood cells)के निर्माण में उपयोगी है जो ऑक्सीजन को बनाए रखने (Carry) का कार्य करते हैं। यह तनाव को कम करने वाले हॉरमोन (Stress hormone), सेक्स हॉरमोन (Sex hormone) और अन्य महत्वपूर्ण हॉरमोन के निर्माण में सहायक है।

विटामिन बी 6 (Vitamin B 6)-

विटामिन बी 6 को पाइरीडोक्सिन (Pyridoxine) के नाम से भी जाना जाता है। यह हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में बहुत ही प्रभावी होता है साथ ही या हमारी तंत्रिका प्रणाली (Nervous system) की मजबूती के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण होता है। यह शरीर में होने वाली रासायनिक अभिक्रियाओं (Chemical reactions) को भी सुचारु रूप से चलाने में सहायक है।

विटामिन बी 7 (Vitamin B 7)-

इस विटामिन को हम बायोटीन (Biotin) के नाम से जानते हैं। यह विटामिन हमारे बालों और नाखूनों के लिए बहुत ही आवश्यक है। साथ ही यह विटामिन , कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन के उपापचय (Metabolism)के लिए भी आवश्यक है।

विटामिन बी 9 (Vitamin B 9)-

इस विटामिन को फोलेट (Folate) के नाम से भी जाना जाता है,यह हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हैं। यह हमें शारीरिक और मानसिक रूप से भी मजबूत रखने में सहायक है और यह हमारे शरीर में आयरन की कमी होने से बचाता है। विटामिन 8 हमारे मस्तिष्क के लिए और जेनेटिक मटेरियल्स (Genetic materials) जैसे डीएनए (DNA) और आरएनए (RNA) के उत्पादन के लिए बहुत ही आवश्यक है। कोशिकाओं की वृद्धि के समय यह बहुत ही आवश्यक होता है, जैसे बच्चों में या गर्भवती महिलाओं में । यह वृद्धि के लिए भी बहुत ही आवश्यक होता है।

विटामिन बी 12 (Vitamin 12)-

इस विटामिन को कोबालामीन (Cobalamin) के नाम से भी जाना जाता है। यह विटामिन हमारी रक्त लसिकाओं (Blood vessels) के निर्माण में बहुत ही आवश्यक है, साथ ही रक्त लसिकाओं में हीमोग्लोबिन (Heamoglobin)के निर्माण के लिए भी अतिआवश्यक है। रक्त विकारों से बचाव के लिए इस विटामिन की आवश्यकता होती है। यह रुधिर संबंधी रोगों (Heamtological disease) से बचता है। तंत्रिका कोशिकाओं (Nervous system) को स्वस्थ रखने और डीएनए (DNA) और आरएनए (RNA)के उत्पादन में उपयोगी है।

यह सभी विटामिन जल में घुलनशील विटामिन की श्रेणी में आते हैं।

2.वसा में घुलनशील एवं जल में अघुलनशील (Soluble in fat and insoluble in water) –

अब हम बात करेंगे ऐसे विटामिनों की जो जल में घुलनशील नहीं होते हैं लेकिन वसा (Fat) में घुलनशील होते हैं। इनमें विटामिन ए, डी, के और ई (A, D, K and E)को रखा गया है।

1.विटामिन ए (Vitamin A) –

विटामिन ए को रेटिनोल (Retinol)के नाम से भी जाना जाता है जो आँखों की रोशनी के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। जिन खाद्य पदार्थों में विटामिन ए की अधिकता होती हैं उनमें कैरोटेनोइड (Carotenoid) नामक तत्व मौजूद होता है जो की एंटिऑक्सीडेंट (Antioxidant) है और यह हमारे शरीर में फ्री रैडिकल को बनने से रोकने और उनके हानिकारक प्रभावों को रोकने में उपयोगी है। यह हमारे शरीर के विकास (Development), प्रजनन (Reproduction) में सहायक है। यह हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाए रखने, दांतों और हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में प्रभावी है। इसके अलावा यह हमारे फेफड़ों (Lungs) और हृदय (Heart) की कार्यशैली को सुचारु रूप से चलाने में उपयोगी है।

2.विटामिन डी (Vitamin D) –

विटामिन डी (Vitamin D)को कैल्सिफेरोल (Calciferol)के नाम से भी जाना जाता है । यह हमारे शरीर में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, यह शरीर में कैल्सियम और फॉस्फेट (Calcium and Phosphate)जैसे महत्वपूर्ण खनिज तत्वों (mineral elements) का संतुलन बनाकर हमें बहुत सी बीमारियों से हमें बचाता है। विटामिन डी हमारे शरीर के अंदर नहीं बनता है ,इसलिए यह सूरज की किरणों से हमारी त्वचा द्वारा बनाया जाता है जिसकी वजह से ही इसे “सनशाइन विटामिन”(Sunshine vitamin) कहा जाता है। यह विटामिन हमें हड्डियों के रोगों से बचाता है, हमारी मांसपेशियों और दांतों को भी स्वस्थ रखता है। यह विटामिन हमारे लिवर और किडनी द्वारा एक हॉरमोन में परिवर्तित कर दिया जाता है जिसे हम कैल्सिट्रिऑल (calcitriol) के नाम से जानते हैं। विटामिन डी का एक मुख्य कार्य यह भी की यह कैल्सियम के अवशोषण (absorption) को प्रोत्साहित करता है, जिसकी वजह से हम कैल्सियम की कमी से होने वाली बीमारियों से बचते हैं।

3.विटामिन ई (Vitamin E) –

विटामिन ई में एंटिऑक्सीडेंट गुण मौजूद है, जिसे यह हमें एजिंग (Ageing) से बचाता है। यह शरीर के विकास, वृद्धि, बालों को घना और मजबूत बनाने में बहुत ही उपयोगी है। यह हमारी त्वचा के लिए भी बहुत ही अच्छा होता है। यह हमारी आँखों के लिए,त्वचा के लिए, मस्तिष्क और रक्त के लिए बहुत ही अच्छा होता है। यह हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाता है और साथ ही कोशिकाओं को आपस में आसानी से संपर्क हेतु आसानी से संदेश (Message) पहुँचाने में सहायक है।

4.विटामिन के (Vitamin K) –

विटामिन के (Vitamin K)को फाइटोनैडियोन (Phytonadione)या फाइलोक्विनोन (Phylloquinone) के नाम से भी जाना जाता है । विटामिन के का हमारे शरीर में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका होती है , यह रक्त का थक्का जमाने वाले प्रोटिन्स (Proteins) के निर्माण में सहायक है। यह खून के बहाव को रोकने के लिए थक्का (Clot) बनाने में बहुत महत्वपूर्ण है, जो की रक्त के बहाव को रोकता है। यह प्रोथ्रोंबिन (Prothrombin) नामक प्रोटीन का निर्माण करता है जो खून का थक्का बनाने और उसे रोकने के लिए जिम्मेदार होता है। यह विटामिन हमारी हड्डियों के लिए भी बहुत ही महत्वपूर्ण है।

यह चारों विटामिन जल में अघुलनशील हैं और हमारे लिए महत्वपूर्ण भी हैं।

 

विटामिन की कमी से होने वाले खतरे और बीमारियाँ (Dangers and diseases caused by vitamin deficiency)-

जैसे की हमने पहले ही देखा है की विटामिन्स (Vitamins) सूक्ष्मपोषक तत्वों (Mirco-nutrients) की श्रेणी में आते हैं , इसलिए हमारे शरीर को इनकी भारी मात्रा में आवश्यकता नहीं होती है, लेकिन कुछ विटामिन्स की कमी हमारे लिए काफी घातक साबित होती है और यह हमें खतरनाक रोग पैदा कर सकते हैं। देखते हैं कौन से ऐसे विटामिन्स हैं जो हमें रोगी बना सकते हैं-

1.विटामिन ए (Vitamin A) –

विटामिन ए की कमी से रतौंधी (Night blindness)नामक रोग होता है। यह रोग हमारी आँखों की रोशनी छिन लेता है। चूंकि विटामिन ए हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को भी मजबूत बनाए रखता है जिसकी वजह से हम स्वस्थ रहते हैं, इसलिए यह हमारे लिए आवश्यक है।

2. विटामिन बी 1 (Vitamin B 1)-

यह थायमीन के नाम से जाना जाता है जिसकी कमी की वजह से बेरी-बेरी (Beri-Beri) रोग होता है। इसकी वजह से शरीर में थकान बनी रहती है, शरीर में दर्द, भूख
ना लगना और हृदय रोगों का सामना करना पड़ता है।

3.विटामिन बी 2 (Vitamin B 2)-

इस विटामिन की कमी से बच्चों का विकास अच्छे से नहीं होता और साथ ही त्वचा को भी काफी नुकसान होता है। इसकी कमी की वजह से प्रजनन (reproduction)में
दिक्कत, बालों का झड़ना , त्वचा विकार या मुँह के आसपास घाव जैसी समस्या होती है। साथ ही गले में खराश और त्वचा में खुजली जैसी समस्या बनी रहती है।

4.विटामिन 12 (Vitamin B12)-

इसे कोबालमिन या साइनोकोबालामीन (Cobalamin or cyanocobalamin) के नाम से भी जाना जाता है। इस विटामिन की कमी से परनीसियास एनीमिया (Pernicious anemia) रोग हो जाता है, जो काफी घातक हो सकता है। यह विटामिन रक्त और हीमोग्लोबिन के निर्माण में सहायक अहि और अगर इसकी कमी शरीर में होगी तो रक्त और हीमोग्लोबिन दोनों का ही निर्माण नहीं होगा जो बहुत सी बीमारियों के लिए जिम्मेदार हो सकता है।

5.विटामिन सी (Vitamin C)-

विटामिन सी की कमी से स्कर्वी रोग (Scurvy) नामक रोग होता है। इसकी वजह से शरीर में दुर्बलता आ जाती है, बाल गिरने लगते हैं, त्वचा और दांत दोनों ही खराब होने लगते हैं। विटामिन सी की कमी से मसूड़ों में सूजन आ जाती है, खून आने लगता (Bleeding gum)हैं और इसकी वजह से दाँत जल्दी गिर जाते हैं । विटामिन सी की कमी से घाव जल्दी भरने में दिक्कत होती है। क्योंकि विटामिन सी को एक बहुत ही शक्तिशाली विटामिन माना गया है, तो यह यह हमारे शरीर से फ्री रैडिकल को बाहर करता है, बीमारी से बचाता है। हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाता है और बुढ़ापे की प्रक्रिया को भी धीमा करता है। यह बालों में रूसी (Dandruff) की समस्या से भी दूर रखता है।

6. विटामिन डी (Vitamin D)-

विटामिन डी की कमी से रिकेट्स (Rickets) नामक बीमारी होती है, यह प्रायः बच्चों में होती है। इस बीमारी में हड्डियाँ कैल्सियम और फोस्फोरस की कमी से कमजोर हो जाती हैं। इसके अलावा विटामिन डी की कमी से महिलाओं में ऑस्टियोपोसरोसिस (Osteoporosis)नामक बीमारी होती है। विटामिन डी की कमी से औस्टीयोक्लास्ट (Osteoclasts) और औस्टीयोब्लास्ट (Osteoblast) मतलब की पुरानी हड्डियों में कैल्सियम के पुनःअवशोषण (Calcium resorption) को संतुलित रखता है और पुरानी हड्डियों को वृद्ध होने से बचता है और औस्टीयोब्लास्ट नयी हड्डियों के निर्माण में सहायक है। विटामिन डी की कमी से यह दोनों ही प्रक्रियाएं प्रभावित होती हैं जिसके चलते हड्डियाँ कमजोर हो जाती हैं और इनके टूटने (Fracture) का खतरा बढ़ जाता है।

7.विटामिन के (Vitamin K)-

विटामिन के की कमी से चोट लगने पर सही समय पर रक्त का थक्का नहीं बन पता है, जिसकी वजह से किसी भी व्यक्ति में चोट लगने पर बहुत ज्यादा मात्रा में खून बह जाता है, जिसकी वजह से व्यक्ति की जान भी जा सकती है। यह रक्त का थक्का (Blood clotting)जमने की प्रक्रिया के दौरान बहुत से ऐसे प्रोटिन्स का निर्माण करता है जो रक्त के सही समय पर जमाव या थक्का बनने की क्रिया को संतुलित रखते हैं। जैसे थ्रोम्बिन, प्रोथ्रोम्बिन, फाइब्रिन (Thrombin, Prothrombin, Fibrin) इत्यादि।

यह सभी विटामिन्स हमारे शरीर के लिए अतिआवश्यक हैं, इनके अलावा हमारे शरीर में कुछ ऐसे महत्वपूर्ण खनिज तत्व (Minerals) भी पाये जाते हैं जिनकी कमी से भी हमें बीमारी हो सकती है जैसे आयरन (Iron) की कमी से एनीमिया (Anemia), कैल्सियम और फास्फोरस (Calcium and phosphorus) की कमी से हड्डियों का कमजोर होना, नयी हड्डियों के निर्माण में अवरोध उत्पन्न होना, आयोडिन (Iodine) की कमी से थाइरोइड (Thyroid)और घेंघा रोग (Goiter) जैसे रोग होते हैं।

हमारे शरीर में जो भी तत्व मौजूद हैं हर तत्व (Element) की अपनी महत्ता (Importance) है, जो हमारे शरीर को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जैसे की उदाहरण के लिए अगर हम सही मात्रा में पानी ना लें, तो सही मात्रा में हमारे शरीर में ऑक्सीजन भी नहीं होगा और उसकी वजह से हीमोग्लोबिन को भी ऑक्सीजन नहीं मिलेगा और ना ही यह इसे रख कर रक्त में इसका प्रवाह कर पाएगा, जिसकी वजह से रक्त निर्माण में भी समस्या उत्पन्न होगी।

अन्य पढ़े – 

मिर्गी क्या है, प्रकार, कारण, रोगजजन, लक्षण और संकेत, परीक्षण और उपचार

जैतून या नारियल तेल-कौन सा है सबसे बेहतर हमारे स्वास्थ्य के लिए

चना सत्तू के फायदे

Leave a Reply

Your email address will not be published.